यात्रा: सहरसा और खगड़िया में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों से संवाद किया
सहरसा/खगड़िया,। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बीपीएससी के माध्यम से जल्द ही 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली होगी। मुख्यमंत्री शुक्रवार को समृद्धि यात्रा के दौरान सहरसा और खगड़िया में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि मछली उत्पादन के क्षेत्र में बिहार आत्मनिर्भर हो गया है। किसानों की आय बढ़ रही है। महिला सशक्तिकरण को मिशाल कायम की गई है। हर घर तक बिजली पहुंचा दी गई है। सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त में 125 यूनिट बिजली दी जा रही है। लगभग 50 लाख घरों में सोलर पैनल लगाने की स्वीकृति दी गई है। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। 430 नई योजनाओं को स्वीकृति दी गई है और सभी जिलों में इनका काम शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी बिहार में घूम-घूमकर मदद कर रहे हैं। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जा रही है। बड़े उद्योगों की स्थापना के लिए भूमि का चयन किया जा रहा है। पुरानी बंद चीनी मिलों को चालू किया जाएगा। मखाना के उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। हर जिले के सभी प्रखंडों में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। ग्रामीण सड़कों का चौड़ीकरण और नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा।
मदरसा शिक्षकों को भी सरकारी शिक्षक का दर्जा मिला
खगड़िया शहर के संसारपुर मैदान में आयोजित जनसंवाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में उद्योगों की स्थापना कर युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। 18 वर्ष पहले सरकार बनने के बाद से बिहार के विकास के लिए लगातार काम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मदरसा शिक्षकों को भी सरकारी शिक्षक का दर्जा दिया गया है। राज्य में एक करोड़ 14 लाख लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन चार सौ से बढ़ाकर 11 सौ कर दी गई है। प्रदेश में अभी छह मेडिकल कॉलेज हैं। जल्द ही 21 और मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा हो जाएगा।
03 सौ करोड़ की 319 योजनाओं का खगड़िया में शिलान्यास-लोकार्पण
512.65 करोड़ की 125 योजनाओं का सीएम ने सहरसा में किया लोकार्पण व शिलान्यास।
दो करोड़ 70 लाख महिलाओं को दिए गए 10-10 हजार रुपए
नीतीश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार योजना के तहत महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश की दो करोड़ 70 लाख महिलाओं को 10-10 हजार रुपये दिए गए हैं। बढ़िया काम करने पर और 30-30 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस राज्य के सबसे बड़े संख्या में महिलाओं की नियुक्ति हुई है। वर्ष 2013 में पहली बार पुलिस में महिलाओं को आरक्षण दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2016 में सभी सरकारी नौकरियों में भी आरक्षण का प्रावधान किया गया। वर्ष 2006 में पहली बार पंचायत राज में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया था। अब तक चार बार चुनाव हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय दोगुनी की जाएगी। सभा को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मंत्री संजय झा, विजय चौधरी, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी आदि ने भी संबोधित किया।
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