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BPSC 68th Notification 2022: जारी होने वाला है बीपीएससी 68वीं का नोटिफिकेशन, जानें वैकेंसी व अहम बदलावबिहार लोक सेवा

बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) दिवाली के आसपास 68वीं संयुक्त परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी में है। यानी कुछेक दिनों में 68वीं सिविल सर्विसेज नोटिफिकेशन का इंतजार कम हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से बीपीएससी को कुल 241 पदों के लिए अधियाचना प्राप्त हुई है। इसमें पुलिस उपाधीक्षक के 8, कामर्शियल टैक्स अधिकारी के 7, सहायक निर्वाचन अधिकारी के 8, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी के 40, आरडीओ के सात, उत्पाद विभाग के उत्पाद अधिकारी के 20, प्रखंड अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति कल्याण अधिकारी के 60, प्रखंड राजस्व अधिकारी के 39 पद शामिल हैं।

68वीं बीपीएससी परीक्षा में दिखेंगे नए प्रयोग
1- बीपीएससी 68वीं पीटी में 150 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें 50 प्रश्न कठिन होंगे। इसके लिए अधिक अंकों का निर्धारण किया जाएगा। 50 कठिन प्रश्न दो दो नंबर के होंगे। अन्य 100 प्रश्न 100 नंबर के होंगे। सेक्शन वाइज कठिन प्रश्न पूछे जाएंगे। कुल पेपर 200 अंकों का होगा।

2- कठिन प्रश्नों की पहचान के लिए अलग से स्टार या कुछ पहचान चिन्ह दिया जाएगा। इसका अगर गलत उत्तर दिया तो नेगेटिव मार्किंग होगी। यानी तुक्का मारने वाले छात्रों के लिए अब बीपीएससी पीटी की परीक्षा पास करना संभव नहीं होगी। एक प्रश्न के गलत उत्तर के लिए चौथाई अंक कटेगा या आधा अंक, यह तय होना बाकी है।

3. लिखि परीक्षा में भाषा के पेपर को छोड़कर बाकी में मीडियम बदलने का मौका मिलेगा। परीक्षा केंद्र पर संबंधित विषय के कॉलम में ही परीक्षा का माध्यम चुनने का अभ्यर्थियों को ऑप्शन दिया जाएगा।

4. अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर अपनी आंसर शीट के अंक देख सकेंगे। मुख्य परीक्षा की कॉपी भी स्कैन कर डाली जाएगी।


5. पहली बार पीटी के बाद एक बार अभ्यर्थियों को ऐच्छिक विषय बदलने का मौका दिया गया है।

68वीं में मार्किंग स्केलिंग की लेगी जानकारी
बिहार लोक सेवा आयोग 68 वीं सिविल सेवा की परीक्षा के आवेदन के समय ही स्कोर स्केलिंग प्रक्रिया के बारे में जनकारी लेगी। आवेदन के समय छात्रों को ऑप्शन दिया जाएगा। रिजल्ट नॉर्मलाइजेशन स्कोर के आधार पर जारी किया जाए या पूर्व की तरह जारी किया जाए। आवेदन करते समय छात्रों को दिए गए ऑप्शन में छात्रों के मत पर तय किया जाएगा। आवेदन के समय छात्रों को भरना अनिवार्य होगा। आयोग इसी आधार पर तय करेगी कि आम छात्रों की क्या सहमति बनती है। इसके बाद ही आयोग निर्णय लेगी.


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