मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के अंतिम चरण की शुरुआत मंगलवार को सुपौल से हुई। इस दौरान उन्होंने घोषणा में लाल-पीली सड़क योजना लागू होने की बात कही। पहले राज्य में हालात खराब थे। कानून व्यवस्था ठीक नहीं थी। सुपौल के बीरपुर बॉर्डर क्षेत्र में आयोजित जनसंवाद में सीएम ने कहा कि 2005 के बाद राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ। मुख्यमंत्री-2 के दौरान 40 लाख लोगों को रोजगार और 10 लाख नौकरियां दी गईं। अब अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने यह भी कहा कि राज्य में सरकारी डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस रोकने के लिए कानून बनेगा।
सुपौल में मुख्यमंत्री ने मिली लगभग 569 करोड़ रुपये की लागत वाली 213 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इनमें से 31 करोड़ रुपये की 350 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया। सुपौल में 12 करोड़ की लागत से 12 योजनाएं पूरी की गईं। सरकार की योजना है कि किसानों के लिए 12 पंचायतों में दूध उत्पादन केंद्र खोले जाएंगे।
पहले जनसंवाद कार्यक्रम में सीएम के भाषण और संवाददाता बैठक होनी थी, लेकिन जनसंवाद के बाद सीएम वहां से चले गए। सीएम आज अररिया में लोगों को समृद्धि यात्रा के चौथे चरण से अवगत कराएंगे। गुरुवार को यह पूर्ण होगी।
बिहार के विकास के लिए पीएम का आभार
युवा, महिला, उद्योग… सब पर बोले नीतीश
युवा : आत्मनिर्भरता के लिए नई योजनाएं
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं ला रही है। कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। महिलाओं को पुलिस सेवा में 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है।
महिला : उद्यान के लिए किए काम
सीएम ने कहा कि 2006 में विश्व बैंक की मदद से स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार देने की शुरुआत की गई थी। जीविका योजना के माध्यम से लाखों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं।
उद्योग : विकास होगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य में नए उद्योगों को बढ़ावा दिया जाएगा। सुपौल में भी निवेश की संभावना पर काम किया जाएगा। युवाओं को नए उद्योगों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
बुनियादी ढांचा : पांच नए एक्सप्रेस-वे बनेंगे
नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पांच नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। ग्रामीण सड़कों को और बेहतर बनाया जाएगा। सड़कों के चौड़ीकरण के लिए सरकार काम कर रही है।
राज्यसभा जाना सीएम का खुद का निर्णय : विजय चौधरी
मधेपुरा में मुख्यमंत्री के राज्यसभा जाने के फैसले को लेकर समर्थकों ने नाराजगी जताई। मंत्री विजय चौधरी ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत निर्णय है और इसका सरकार या संगठन से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बिहार के विकास के लिए काम करते रहेंगे।
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