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सीएम नीतीश ने शिक्षामंत्री और विभाग के एसीएस के.के पाठक को बुलाया, जानिए किन मुद्दों पर हुई चर्चा

PATNA: बिहार का शिक्षा विभाग इन दिनों लगातर सुर्खियों में बना रहता है। शिक्षा विभाग और राजभवन के बीच का विवाद थमने का नाम नहीं के रहा था। वहीं इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने गुरुवार को मुलाकात की है। मिली जानकारी अनुसार शिक्षा मंत्री मुख्यमंत्री आवास जाकर सीएम नीतीश से मुलाकात की है। वहीं बड़ी खबर यह सामने आ रही है कि शिक्षा विभाग के अपर सचिव के.के पाठक ने भी मुख्यमंत्री से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की है।

दरअसल, हाल के दिनों में शिक्षा विभाग और राजभवन में चल रहे तानातानी के बीच यह मुलाकात अहम बताई जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है राज्यपाल के कड़े तेवर के बाद सरकार हरकत में आई है। गौरतलब हो कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के.के पाठक पर मंगलवार को राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने हमला किया था उन्होंने शिक्षक दिवस पर पटना विश्विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राजभवन और मुख्यमंत्री के बीच तनाव की खबरों को सिरे से नकारते हुए कहा कि सीएम नीतीश से उनका कोई टकराव नहीं है। इसी दौरान उन्होंने केके पाठक को निशाने पर लिया और उन्हें जमकर सुनाया। के.के पाठक की ओर संकेत करते हुए कहा कि एक सेकरेट्री को इतना साहस कहां से आया कि वह विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और कुलपति को लिखे।

उन्होंने कहा कि एक अधिकारी द्वारा कुलाधिपति की ओटॉनमी पर सवाल उठाया जाता हैं। एक सेकरेट्री को इतना साहस कहां से आया। इसको लेकर सोचने की जरुरत है। दरअसल, पिछले दिनों कुलपतियों के कामकाज में दखल दिए जाने के बाद के.के पाठक के आदेश को राजभवन ने निरस्त करने की बात कही थी। बाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यपाल से मुलाकात की थी। उनकी मुलाकात के पीछे मूल रूप से यही माना गया कि यह के.के पाठक प्रकरण के कारण हुई। उसी को याद करते हुए राज्यपाल ने सवाल किया कि एक अधिकारी कैसे कुलाधिपति पर सवाल उठा सकता है।

साथ ही बिहार की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी राज्यपाल ने बिहार सरकार को जमकर सुनाया। उन्होंने कहा कि 30-40 विद्यार्थियों के पीछे एक शिक्षक की जरुरत होती है। लेकिन हम कितने शिक्षक दे रहे हैं। पटना विश्विद्यालय ही नहीं हमारे सभी विश्वविद्यालय का स्तर बढ़ना चाहिए। जब शिक्षक पढ़ाएंगे तो स्तर बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि यह सोचने की जरूरत है कि क्यों शिक्षक हमारे सड़को पर आते हैं। शिक्षक दिवस तब बेहतर मनेगा जब हमारे शिक्षक संतुष्ट होंगे। क्यों शिक्षकों के सड़क पर आंदोलन की नौबत आती हैं? वहीं अब देखना होगा की सीएम से आज हुई मुलाकात के क्या मायने सामने आते हैं।

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