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जय जवान से जय अनुसंधान तक, 5 प्रण और 5G का जिक्र, जानें PM मोदी के भाषण की 22 बड़ी बातें

Independence Day 2022: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) के मौके पर राजधानी दिल्ली (Delhi) स्थित लाल किले (Red Fort) की प्रचीर से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा (Tiranga) फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित किया. पीएम मोदी का 82 मिनट लंबा भाषण (PM Modi Speech) देश के कई अहम विषयों पर केंद्रित रहा, जिसमें उन्होंने जय जवान से लेकर जय अनुसंधान, पंच प्राण और 5जी तक का जिक्र किया. आइये जानते हैं पीएम मोदी के भाषण की 22 बड़ी बातें.

जय जवान से जय अनुसंधान तक, 5 प्रण और 5G का जिक्र, जानें PM मोदी के भाषण की 22 बड़ी बातें

1. अगले 25 साल महत्वपूर्ण

पारंपरिक कुर्ता और चूड़ीदार पायजामे के ऊपर नीले रंग का जैकेट तथा तिरंगे की धारियों वाला सफेद रंग का साफा पहने प्रधानमंत्री ने कहा, ''आज जब हम अमृत काल में प्रवेश कर रहे हैं, अगले 25 साल हमारे देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है. आजादी का 75वां स्वतंत्रता दिवस एक ऐतिहासिक दिन है और यह पुण्य पड़ाव, एक नयी राह, एक नए संकल्प और नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का शुभ अवसर है. ’’

2. जय जवान से जय अनुसंधान तक

पीएम मोदी ने लाल किले से अपना भाषण की शुरुआत देशवासियों और दुनियाभर में रह रहे भारतीयों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए की. उन्होंने विश्व भर में फैले हुए भारत प्रेमियों और भारतीयों को आजादी के अमृत महोत्सव की बधाई दी. पीएम मोदी ने आज के भाषण में जय जवान-जय किसान वाले नारे को एक नया रूप दिया. उन्होंने कहा, ''जय जवान, जय किसान का लाल बहादुर शास्त्री जी का मंत्र आज भी देश के लिए प्रेरणा है. अटल जी ने जय विज्ञान कह कर उसमें एक कड़ी जोड़ दी थी लेकिन अब अमृत काल के लिए एक और अनिवार्यता है, वो है जय अनुसंधान. जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान.''

3. पंच प्राण का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले 25 साल की यात्रा को देश के लिए ‘अत्यंत महत्वपूर्ण’ करार दिया और इस ‘अमृत काल’ में विकसित भारत, गुलामी की हर सोच से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता और एकजुटता और नागरिकों द्वारा अपने कर्तव्य पालन के ‘पंच प्राण’ का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जब वह 130 करोड़ देशवासियों के सपनों को देखते हैं और उनके संकल्पों की अनुभूति करते हैं तो आने वाले 25 साल के लिए देश को पंच प्राण पर अपनी शक्ति, अपने संकल्पों और अपने सामर्थ्य को केंद्रित करना है. हमें पंच प्राण को लेकर 2047 तक चलना है, जब आजादी के 100 साल होंगे, आजादी के दीवानों के सारे सपने पूरा करने का जिम्मा उठा करके चलना है.’’ पीएम मोदी ‘विकसित भारत’ को पहला प्राण बताया और कहा कि इससे कुछ कम नहीं होना चाहिए.

4. गुलामी की सोच से मुक्ति

पीएम मोदी ने गुलामी की हर सोच से मुक्ति पाने को दूसरा प्राण बताया और कहा कि गुलामी का एक भी अंश अगर अब भी है, तो उसको किसी भी हालत में बचने नहीं देना है. उन्होंने कहा कि इस सोच ने कई विकृतियां पैदा कर रखी है, इसलिए गुलामी की सोच से मुक्ति पानी ही होगी.

5. भारत का स्वर्णिम काल

प्रधानमंत्री ने विरासत पर गर्व करने को तीसरा प्राण बताया और कहा कि यही वह विरासत है जिसने भारत को स्वर्णिम काल दिया है. उन्होंने एकता और एकजुटता को चौथा प्राण और नागरिकों के कर्तव्य को पांचवां प्राण बताया.

6. संकल्प बड़े तो पुरुषार्थ बड़ा

उन्होंने कहा, ‘‘जब सपने बड़े होते हैं... जब संकल्प बड़े होते हैं तो पुरुषार्थ भी बहुत बड़ा होता है. शक्ति भी बहुत बड़ी मात्रा में जुट जाती है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आज जब अमृत काल की पहली प्रभात है, हमें इस 25 साल में विकसित भारत बना कर ही रहना है. अपनी आंखों के सामने इसे कर के दिखाना है.’’ 

7. भारत का अमृत काल 

भारत 1947 में आजाद हुआ था और उसने 2022 में आजाद देश के रूप में 75 साल की यात्रा पूरी कर ली है. पीएम मोदी ने अगले 25 साल के कालखंड को ‘अमृत काल’ का नाम दिया गया है.

8. भारत को लेकर दुनिया का सोच में बदलाव

मोदी ने कहा कि आज विश्व भारत की तरफ गर्व से देख रहा है और उसे अपेक्षा से देख रहा है तथा समस्याओं का समाधान भारत की धरती पर खोजने लगा है. विश्व की सोच में यह परिवर्तन भारत की 75 साल की यात्रा का परिणाम है. 

9. देशवासियों में बढ़ा देश प्रेम

लाल किले की प्राचीर से 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्र के प्रति प्रेम को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ी है. 

10. कोरोना से जंग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में साथ आने के लिये देश के नागरिकों की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने समयबद्ध तरीके से लोगों को कोविडरोधी टीके की 200 करोड़ खुराक देने का रिकार्ड बनाया है जो किसी अन्य देश के लिये संभव नहीं हो सका. 

11. कोरोना से जंग में मिला देशवासियों का साथ

कोविड-19 साझी जागरुकता का एक और उदाहरण है जिसके लिये हमारे नागरिक साथ आए. डाक्टरों को शोध के लिये समर्थन देने से लेकर सुदूर क्षेत्रों तक टीका पहुंचाने में हम साथ खड़े रहे. देश के नागरिक कोरोना योद्धाओं के साथ खड़े रहे और थाली बजाने और दीया-लाइट जलाने जैसे कदमों से इसे प्रदर्शित भी किया.

12. कोरोना के खिलाफ लड़ाई में भारत ने रिकॉर्ड टीके लगाए

मोदी ने कहा, ‘‘कोरोना के कालखंड में दुनिया वैक्सीन लेने या न लेने की उलझन में जी रही थी. उस समय हमारे देश के लोगों ने 200 करोड़ खुराक लेकर दुनिया को चौंका देने वाला काम करके दिखाया. कोविड रोधी टीके की खुराक लगाने के कार्य ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिये. भारत ने समयबद्ध तरीके से लोगों को 200 करोड़ खुराक देने का रिकार्ड बनाया है. क्या ऐसा किसी दूसरे देश ने किया?

13. धरती से जुड़ी भारत की नई शिक्षा नीति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश की नई शिक्षा नीति धरती से जुड़ी हुई है, जिसमें कौशल्य पर बल दिया गया है और यह हमें गुलामी से मुक्ति की ताकत देगी. नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मंथन के साथ बनी है, कोटि-कोटि लोगों के विचार प्रवाह को संकलित करते हुए बनी है. भारत की धरती से जुड़ी हुई शिक्षा नीति बनी है. इसमें हमने कौशल्य पर बल दिया है, यह ऐसा सामर्थ्य है जो हमें गुलामी से मुक्ति की ताकत देगा. 

14. हर भाषा पर गर्व

कभी-कभी हमारी प्रतिभाएं भाषा के बंधनों में बंध जाती हैं, ये गुलामी की मानसिकता का परिणाम है. हमें हमारे देश की हर भाषा पर गर्व होना चाहिए.

15. अंतरिक्ष से लेकर समंदर की गहराई तक होगा अनुसंधान

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं युवाओं से देश के विकास के लिए अपने जीवन के अगले 25 वर्ष समर्पित करने का आग्रह करता हूं, हम मानवता के पूर्ण विकास के लिए काम करेंगे. हमारा प्रयास है कि देश के युवाओं को असीम अंतरिक्ष से लेकर समंदर की गहराई तक अनुसंधान के लिए भरपूर मदद मिले, इसलिए हम अंतरिक्ष मिशन, गहरे समुद्र से जुड़े मिशन का विस्तार कर रहे हैं. अंतरिक्ष और समंदर की गहराई में ही हमारे भविष्य के लिए जरूरी समाधान हैं.’’

16. अपनी धरती से जुड़ेंगे, तभी तो ऊंचा उड़ेंगे

पीएम मोदी ने कहा, ‘‘हमारी विरासत पर हमें गर्व होना चाहिए. जब हम अपनी धरती से जुड़ेंगे तभी तो ऊंचा उड़ेंगे. जब हम ऊंचा उड़ेंगे, तभी हम विश्व को भी समाधान दे पाएंगे.’’

17. गुलामी की मानसिकता को तिलांजलि देनी पड़ेगी

पीएम मोदी ने कहा कि अनुभव कहता है कि एक बार हम सब संकल्प लेकर चल पड़ें तो निर्धारित लक्ष्यों को पार कर लेते हैं. हमारे नौजवान आज नई-नई खोज के साथ दुनिया के सामने आ रहे हैं, ऐसे में हमें गुलामी की मानसिकता को तिलांजलि देनी पड़ेगी और अपने सामर्थ्य पर भरोसा करना होगा.

18. भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद पर वार

पीएम मोदी ने कहा कि देश के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं. पहली चुनौती है भ्रष्टाचार और दूसरी चुनौती है भाई-भतीजावाद...परिवारवाद. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘भारत जैसे लोकतंत्र में जहां लोग गरीबी से जूझ रहे हैं, तब यह दृश्य देखने को मिलते हैं कि एक तरफ वे लोग हैं जिनके पास रहने के लिए जगह नहीं है, दूसरी तरफ वे लोग हैं, जिनके पास अपना चोरी किया हुआ माल रखने के लिए जगह नहीं है. यह स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए हमें भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी ताकत से लड़ना है.’’ भाई-भतीजावाद पर पीएम ने कहा कि राजनीति क्षेत्र की इस बुराई ने हिंदुस्तान की हर संस्था में परिवारवाद कुपोषित कर दिया है.हिंदुस्तान की राजनीति के शुद्धिकरण के लिए भी और सभी संस्थाओं के शुद्धिकरण के लिए भी... इस परिवारवादी मानसिकता से मुक्ति दिलानी होगी. योग्यता के आधार पर देश को आगे ले जाने की ओर हमें बढ़ना होगा. यह अनिवार्यता है

19. 20 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए

पीएम ने कहा पिछले आठ वर्षों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के द्वारा आधार और मोबाइल सहित अन्य आधुनिक व्यवस्थाओं का उपयोग करते हुए 20 लाख करोड़ रुपयों को गलत हाथों में जाने से बचाया गया और उसे देश की भलाई के काम में लगाने में सरकार सफल हुई. प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को खोखला कर रहा है और उन्हें इसके खिलाफ लड़ाई तेज करनी है और इसे निर्णायक मोड़ पर लेकर ही जाना है. उन्होंने कहा, ‘‘मेरे 130 करोड़ देशवासी आप मुझे आशीर्वाद दीजिए, आप मेरा साथ दीजिए, मैं आज आपसे साथ मांगने आया हूं, आपका सहयोग मांगने आया हूं ताकि मैं इस लड़ाई को लड़ सकूं और इस लड़ाई को देश जीत पाए.’’

20. 5जी पर पीएम यह बोले

पीएम ने कहा कि अब हम 5जी को ओर कदम रख रहे हैं. बहुत इंतजार नहीं करना है. हम ऑप्टिकल फाइबर गांव-गांव में पहुंचा रहे हैं, डिजिटल इंडिया का सपना गांव से गुजरेगा, ये मुझे पूरी जानकारी है. हिंदुस्तान के चार लाख कॉमन सर्विस सेंटर गांवों में विकसित हो रहे हैं. गांव क्षेत्र में चार लाख डिजिटल आंत्रप्रेन्योर तैयार होने पर देश गर्व कर सकता है. सेमी कंडक्टर की ओर हम कदम बढ़ा रहे हैं. 5जी की ओर कदम बढ़ा रहे हैं, ऑप्टिकल फाइबर का नेटवर्क बिछा रहे हैं. ये सिर्फ आधुनिकता की पहचान है, ऐसा नहीं है. तीन बड़ी ताकत इसके अंदर समाई हुई हैं.शिक्षा में आमूलचूल क्रांति डिजिटल से आने वाली है. स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल क्रांति डिजिटल से आने वाली है. किसी जीवन में बहुत बड़ा बदलाव, ये डिजिटल से आने वाला है. एक नया विश्व तैयार हो रहा है.

21. लैंगिक समानता पर पीएम मोदी ने यह कहा

पीएम ने कहा कि लैंगिक समानता अखंड भारत की कुंजी है. भारत के पास एकता की अवधारणा पर दुनिया को सिखाने के लिए काफी कुछ है और एकता की यह अवधारणा परिवार की संरचना से शुरू होती है. हमें भारत की विविधता का जश्न मनाना चाहिए घर पर भी, एकता के बीज तभी बोए जाते हैं जब बेटे और बेटी समान हों. अगर ऐसा नहीं होता तो एकता का मंत्र गूंज नहीं सकता. लैंगिक समानता एकता का अहम मानदंड है.

22. ऐसे बनेगा आत्मनिर्भर भारत

जब हमारा ब्रह्मोस दुनिया में जाता है तो कौन हिंदुस्तानी नहीं होगा, जिसका मन आसमान को न छूता हो. हमारी बंदे भारत ट्रेन विश्व के लिए आकर्षण है. हमें आत्मनिर्भर बनना है. हम कब तक एनर्जी सेक्टर में किसी और पर निर्भर रहेंगे.. सोलर का क्षेत्र, विंड एनर्जी का क्षेत्र, मिशन हाइड्रोजन, बायो फ्यूल की कोशिश, इलेक्ट्रिक व्हीकल पर जाने की बात हो, हम आत्मनिर्भर बनकर इन व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाना होगा. प्राकृतिक खेती भी आत्मनिर्भरता का मार्ग है. नैनो फर्टिलाइजर का कारखाने नई आशा लेकर आए हैं. आज ग्रीन जॉब के क्षेत्र तेजी से खुल रहे हैं. प्राइवेट सेक्टर से भी आह्वान करता हूं कि हमें विश्व में छा जाना है. 

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