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बिहार के श्रमिकों के बच्चों के लिए अच्छी खबर, सरकार खाते में भेजेगी 25 हजार रुपये; शर्त भी जान लें


राज्य ब्यूरो, पटना : राज्य में बीड़ी, चूना पत्थर, डोलामाइट, लौह, मैगनीज, क्रोम अयस्क  खदान श्रमिकों और उनके आश्रितों के बच्चों को छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके लिए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने ऐसे श्रमिकों और उनके आश्रितों के बच्चों को चिन्हित कर उनके नाम राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए भेजने को कहा है। श्रम संसाधन विभाग ने केंद्र सरकार की स्कीम को लेकर सभी जिलों को निर्देश जारी किया है। 30 सितंबर तक संबंधित छात्र-छात्राओं को केंद्र सरकार को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति हेतु आनलाइन आवेदन भेजा जाना है।

बिहार के श्रमिकों के बच्चों के लिए अच्छी खबर, सरकार खाते में भेजेगी 25 हजार रुपये; शर्त भी जान लें

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने श्रमिकों और उनके आश्रितों के बच्चों को चिन्हित कर उनके नाम राष्ट्रीय छात्रवृत्ति के लिए भेजने को कहा है। 30 सितंबर तक संबंधित छात्र-छात्राओं को केंद्र सरकार को राष्ट्रीय छात्रवृत्ति हेतु आनलाइन आवेदन भेजा जाना है।

एक हजार से लेकर 25000 तक की राशि दी जाएगी
श्रम संसाधन विभाग के मुताबिक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति योजना का लाभ श्रमिकों के उन बच्चों को मिलेगा, जो कक्षा एक से लेकर स्नातक, स्नाकोतर और व्यावसायिक पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हैं। इस योजना के अधीन एक हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते भेजी जाएगी। पिछले वर्ष राज्य में श्रमिकों के 3,863 बच्चों को कुल 93 लाख 31 हजार 990 रुपये की छात्रवृत्ति दी गई थी। 

पहली कक्षा से ही बच्चे सीखेंगे योग
राज्य के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में पहली कक्षा से ही बच्चे योग सीखेंगे। शारीरिक शिक्षा और खेल भी उनके पाठ्यक्रम में शामिल होंगे। छात्र-छात्राओं के रिपोर्ट कार्ड (प्रगति पत्रक) में अंक भी दिए जाएंगे। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह के निर्देश पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा शारीरिक शिक्षा, योग और खेल को पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी तेज हो गई है। अगले सत्र से इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम में शारीरिक शिक्षा, खेल और योग को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक असंगबा चुबा आओ को अधिकृत किया है। साथ ही विभाग ने निदेशक को निर्देश दिया है कि शारीरिक शिक्षा, खेल और योग विषय को लेकर अंकों का निर्धारण और उससे संबंधित मार्गदर्शिका शीघ्र तैयार करें, ताकि विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को शारीरिक शिक्षकों द्वारा उपरोक्त विषयों के बारे में शिक्षण-प्रशिक्षण दिया जा सके। उसके आधार पर रिपोर्ट कार्ड (प्रगति पत्रक) में अंक देने का प्रविधान सुनिश्चित हो सके। 

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