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Pm Kisan-इन लोगों को नहीं मिलेगा किसान सम्मान निधि का लाभ, घर-घर सर्वे करा रही है सरकार

किसान सम्मान निधि में पात्र और अपात्रों की जांच के लिए घर-घर सर्वे का काम चल रहा है। जांच पड़ताल में अब तक दस फीसदी किसानों का डाटा चेक किया तो 2200 लोग ऐसे अपात्र मिल गए।

अगर आप आयकर विभाग में अपना लेखा-जोखा देते है तो चाहे टैक्स देते है अथवा नहीं फिर आप अपात्रों की सूची में शामिल होंगे। विभाग ने दस फीसदी किसानों का डाटा चेक किया तो 2200 लोग ऐसे अपात्र मिल गए। पूरे जिले में घर-घर पहुंचकर सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट पूरी ना होने तक अगली किश्त नहीं आएगी।

किसान सम्मान निधि में पात्र और अपात्रों की जांच के लिए घर-घर सर्वे का काम चल रहा है। जांच करने की जिम्मेदारी किसान मित्र, लेखपाल और ग्राम पंचायत अधिकारियों को दी गई है। यह लोग गांव में पहुंचकर सूची को पढ़कर सुना रहे है। हर व्यक्ति के बारे में जानकारी कर रहे है। जांच पूरी करने का समय 30 मई तक रहा है। 30 मई के बाद यह जांच रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों को सौंपी जाएगी। इससे पहले कृषि विभाग ने जनपद के किसानों को पोर्टल पर चेक किया। दस फीसदी उन किसानों को चेक किया गया तो पेनकार्ड धारक है।

इसमें 2200 लोग ऐसे निकल आए जिन्होंने आयकर विभाग में अपना रिर्टन दाखिल किया है। यह सभी लोग अपात्रों की सूची में शामिल कर लिए गए। जो जांच रिपोर्ट बन रही है इसमें तीन तरह की सूचियां बनेगी। एक तो पात्र, दूसरी अपात्र और तीसरी मृतकों के नाम की होगी। सर्वे के लिए नोडल अधिकारी संबंधित ब्लॉकों के बीडीओ को बनाया गया है। मालूम हो कि जिले में दो लाख 86 हजार किसानों को इस योजना में शामिल किया गया था।

आधार कार्ड से लिंक की जाएगी फर्द

किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों के आधार कार्ड फर्द और खसरा खतौनी से लिंक किए जा रहे है। वहीं बायोमेट्रिक पद्धति से भी सत्यापन होगा। इस सत्यापन के लिए किसान को बैंक अथवा सीएचसी पर जाना होगा।

पहले मुकदमे हो चुके हैं दर्ज

करीब एक वर्ष पहले फर्जी तरीके से किसान सम्मान निधि लेने वालों के लिखाफ थाना जैथरा और बागवाला में मुकदमा दर्ज किया गया। एसडीएम की जांच रिपोर्ट के बाद यह कार्रवाई की गई थी। यह जांच अभी भी चल रही है।

एटा कृषि उपनिदेशक एमपी सिंह ने बताया, जनपद भर में किसान सम्मान निधि का सर्वे किया जा रहा है। हर घर पर पहुंचकर जांच की जा रही है। गांवों में सूचियां पढ़कर सुनाई जा रही है। दस फीसदी जांच में 2200 लोग ऐसे मिले जो आयकर में अपना लेखाजोखा देते है।



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